HomeVideoमधुमेह का काल है आम के पत्ते | Diabetes is a common period of leaf |ذیابیطس کا دور ہے عام کے پتے

मधुमेह का काल है आम के पत्ते | Diabetes is a common period of leaf |ذیابیطس کا دور ہے عام کے پتے



धुमेह यानि डाइबिटीज Diabetes को कौन नहीं जानता. पेशाब के साथ चीनी जैसा मीठा पदार्थ निकलना मधुमेह कहलाता है | यह एक गंभीर बीमारी है जिसे धीमी मौत (साइलेंट किलर – Silent Killer ) भी कहा जाता है। संसार भर में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है विशेष रूप से भारत में।
इस बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है तथा रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती। यदि यह ग्लूकोज का बढ़ा हुआ लेवल खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग प्रत्यंगों को नुकसान पहुँचाना शुरू कर देता है।

डाइबिटीज के मुख्य कारण : Causes of Diabetes
1. शारीरिक ब्यायाम नहीं करना
2. मोटापा
3. जरूरत से अधिक भोजन करना
4. खराब जीवन शैली

डाइबिटीज के मुख्य लक्षण : Symptems of Diabetes

1. बहुत ज्यादा भूख और प्यास लगना
2. बार बार पेशाब जाना
3. घाव नहीं भरना
4. त्वचा का सूखना

उपचार
आंवलाः मधुमेह के रोगियों के लिए विटामिन ‘सी’ की प्रचुर मात्रा के कारण आंवला बेहद उपयोगी माना जाता है। यदि मधुमेह का रोगी आंवला व करेले का रस मिलाकर प्रतिदिन पीता रहे तो इससे उसके शरीर में इंसुलिन की तथा रक्त में शर्करा की भी पूर्ति होती रहती है। मधुमेह के रोगी आंवला, जामुन की गुठली तथा करेले का चूर्ण बनाकर नित्य एक चम्मच लें तो काफी लाभ होता है।

आमः मधुमेह यदि प्रारंभिक स्थिति में हो तो आम के कोमल पत्तों का रस अथवा प्रात:काल उनका काढ़ा बनाकर पीएं। इससे रोग आगे नहीं बढ़ेगा तथा गंभीर रूप धारण नहीं करेगा। आम के पत्तों को सुखाकर उनका चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार लेने से निश्चित रूप से लाभ होता है।
आम व जामुन का रस समान मात्रा में मिलाकर पीने से मधुमेह में काफी लाभ होता है। आम की गुठली का चूर्ण बनाकर तीन ग्राम की मात्रा में दिन में 3-4 बार पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा की मात्रा कम होती है व मधुमेह के रोगी की प्यास शांत होती है।

चकोतराः यदि चकोतरा काफी मात्रा में लिया जाए तो मधुमेह के पूर्णत: समाप्त होने की प्रबल संभावना रहती है। चकोतरे के सेवन से शरीर में स्टार्च की मिठास और वसा में कमी आती है जो मधुमेह के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है| मधुमेह के रोगियों को 2-3 चकोतरे नित्य खाने कि सलाह दी जाती है।

केलाः खूब पककर गलने पर काले पड़ गए केले एकत्र करके उनका छिलका उतारकर हाथों से मसलकर तरल लुआब जैसा बना लें। फिर उसमें आधा भाग चावल की भूसी मिलाकर 2-3 दिन गरम जगह पर रख दें।

चौथे दिन किसी पात्र में सबको रखकर पात्र को टेढ़ा करके थोड़ी देर तक रखा रहने दें। केले का रस निथर कर अलग हो जाएगा। इसका नियमित सेवन करने से मधुमेह से छुटकारा पाया जा सकता है। अमरूदः अमरूदों को बारीक काटकर और कटे टुकड़ों को जल में डालकर कुछ देर तक रहने दें और उस जल को छानकर पीएं। इससे रोगी की तृषा दूर हो जाएगी।

पपीताः पपीता, कत्था, खैर तथा सुपारी के काढे का सेवन इस रोग से मुक्ति दिला देता है। यह चमत्कारी योग है।

गाजर : गाजर का रस 310 ग्राम तथा 185 ग्राम पालक का रस मिलाकर पीने से मधुमेह में काफी आराम मिलता है।

शलगमः नित्य शलगम की सब्जी खाने से काफी लाभ होता देखा गया है।

नीबूः मधुमेह के रोगी को प्यास अधिक लग रही हो तो पानी में नीबू निचोड़कर पिलाने से लाभ होता है।
आज हम मधुमेह के मरीजों के लिए एक आसान पर चमत्कारी घरेलू नुख्सा लेकर आये है | यह उपाए बेहद आसान है इसमें इस्तेमाल होने वाली औषधि विटामिन , मिनरल और कई और गुणों से भरपूर है जो आपको मधुमेह के साथ साथ कई और भी लाभ प्रदान करेगी | इस्तेमाल होने वाली औषधि का नाम है ‘आम के पत्ते ’ |

विधि / इस्तेमाल

1 पहले आम की 10-15 कोमल पत्तियां लेकर उनेह पानी के साथ किसी बाउल – Bowl में डाल कर उबलने के लिए आग पर रखिये |
2. जब वे उबल जाए तो इस मिश्रण को सारी रात के लिए ऐसे ही छोड़ दें |
3. दूसरी सुबहे इस मिश्रण को पुन लीजिये |
4. रोजाना खाली पेट इस मिश्रण का सेवन करने से 2-3 महीनों के भीतर नतीजे आपके सामने आ जायेगे |

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